ईद अल फितर 31 मार्च,2025, सोमवार को होगा | Eid-ul-Fitr 2025 On Monday
रमज़ान करीम बरकत का महीना अपने खत्म होने को है और मुसलमानों में रमज़ान के खुशी के साथ साथ ईद मनाने की ख़ुशी देखी जा रही है।
यह रमज़ान का 1446 वां साल है मुस्लिम कैलेंडर हिजरी के हिसाब से और यह हिजरी कैलेंडर लूनर पे बेस्ड है यानी कि यह चाँद के हिसाब से है जो कि हर साल 10 दिन लगभग घटकर आगे आ रहा है । यानी कि अगर रमज़ान का महीना 2025 में 2 मार्च को शुरू हुआ तो 2026 में 10 दिन पहले यानि 22 फ़रवरी में होगा।
ईद अल फितर 2025 कब है ?
ईद कब है और कब मनाया जाएगा ये लगभग पूरी तरह सऊदी अरब पे डिपेंड करता है, मतलब कि अगर सऊदी वाले ने चाँद देखा और रोजा रखा तो ईस्ट के लोग उसके हिसाब से एक दिन बाद रखते हैं क्यों कि इन्हें चाँद एक दिन बाद दिखाई देता है ।
जहाँ तक बात है कि 2025 की ईद अल फितर कब है तो सऊदी अरब में शव्वाल 1446 /2025 की चाँद नजर आ गई है और इसने यह एलान कर दिया है कि शव्वाल 1446 की ईद 30 मार्च 2025, रविवार को मनाया जाएगा।
इस हिसाब से हमें यह पता चल गया कि मिडिल ईस्ट में ईद अल फितर रविवार को मनाया जाएगा, तो ईस्ट में उसके एक दिन बाद यानी कि सोमवार 31 मार्च 2025 को मनाया जाएगा।
BREAKING NEWS: Eid Al Fitr 1446/2025 is tomorrow: Sunday, 30 March 2025
— Inside the Haramain (@insharifain) March 29, 2025
The Crescent for the month of Shawwal 1446 was SEEN in Saudi Arabia today subsequently tomorrow is the beginning of the month of Shawwal 1446 pic.twitter.com/6om5sAl38D
कैसे पता चलता है कि ईद कब है ?
कब रोज़ा शुरू होता है और कब ईद आती है कैसे डिसाइड किया जात हैं, यह निर्भर करता है चाँद के ऊपर और कभी कभी साइंटिफिक कैल्कुलेशन के हिसाब से ।
चाँद के हिसाब से रोज़े का शुरू होना और ईद का आना इस हिसाब से है कि अगर नई चाँद नज़र आ गई तो बिना किसी झिझक के उसी रात सेहरी करेंगे और रोजा शुरू हो जाएगा। और इसी तरह जब रमज़ान महीने के आखिर में नई चाँद दिखाई देगा तो अगले दिन ईद होगी।
लेकिन जब नई चाँद नज़र ना आए तो साइंटिफिक कैलकुलेशन इस प्रकार होती है कि जो महीना चल रहा है उस महीने का मुकम्मल 30 दिन काउंट किया जाता है और फिर अगले दिन रोज़ा रखा जाता है या फिर ईद पढ़ी जाती है।
मतलब यह हुआ कि यातो नए महीने का चाँद नज़र आ जाए या तो जो महीना चल रहा है उसी को 30 दिन मुकम्मल करके अगले दिन को नया महीना मान लिया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि हिजरी कैलेंडर में महीना यातो 29 दिनों का होगा या फिर 30 दिनों का, 30 से ज़्यादा दी। नहीं होते हैं मुस्लिमों के कैलेंडर में।